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Thursday, October 13, 2016

यह आदते आपको दिलवा सकती हे ग्रह दोष से मुक्ति |

कुंडली में ग्रहों की स्थिति का जीवन के सुख-दुख पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि आप भी कुंडली के अशुभ ग्रहों के नकारात्‍मक प्रभाव से पीडित हैं तो ये उपाय आप ही के लिए हैं। अगर आप अपनी कुंडली के खराब ग्रहों को ठीक करने के लिए कोई बड़े उपाय, पूजन-पाठ वगैरह नहीं कर पा रहे हैं तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष में ऐसे कई उपाय हैं जो आप अपने व्यवहारिक जीवन में कर सकते हैं, बस आपको अपनी कुछ आदतें और स्वभाव को थोड़ा बदलना होगा।
अपने व्यवहार और दिनचर्या में किया गया एक छोटा सा परिवर्तन भी आपके लिए ज्योतिष के उपाय जैसा कारगर साबित होगा। इसे व्यवहारिक ज्योतिष कहा जाता है। हमारे आसपास की हर चीज किसी ना किसी ग्रह से प्रभावित होती है, हम उस चीज के प्रति अपना व्यवहार बदलकर उस ग्रह को अपने अनुकूल कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि किस ग्रह के बुरे परिणाम को कम करने के लिए क्या किया जाए।
मंगल के उपाय : मंगल भाई का कारक गृह है। उसकी कृपा चाहिए तो अपने भाइयों से प्यार व सम्मान का रिश्ता रखें। इससे मंगल के दोष दूर होंगे।
शुक्र के उपाय : शुक्र पत्नी का कारक गृह है। अगर आप पत्नी से विवाद करते हैं, अपशब्द कहते है तो इससे आपके तन और धन दोनों की हानि होगी।
शनि के उपाय : किसी भी अधीनस्थ कर्मचारी से सम्मानपूर्वक काम करवाने और समय पर वेतन देने से शनि के शुभ फल प्रदान होते है।
घूमने और व्यायाम से शनि का प्रभाव काम होता है, मंगल का बल बढ़ता है, पसीने में शनि का कारक नमक शरीर से बाहर आता है।
गुरु के उपाय : पीपल का पेड़ लगाकर उसकी सेवा करके बड़ा करने से गुरु गृह के सभी दोष समाप्त होजाते है। गुरु की कृपा मिलती है।

चंद्रमा और सूर्य के उपाय :चंद्रमा, माता और सूर्य, पिता के कारक गृह होते है। माता-पिता की सेवा, सम्मान से आप जीवन भर सूर्य-चंद्रमा की कृपा प्राप्त सकते हैं।

राहु के उपाय : यदि आप किसी भी स्थान पर गंदगी करते है तो आप पर राहु का बहुत ज्यादा प्रकोप बढेगा। इसलिए, हमेशा अपने आसपास सफाई रखें।

इन बातों का भी रखे ध्यान :
बिखरे हुए नोट रखने से होता है अनावश्यक खर्च। नोटों को इस प्रकार रखें कि सभी का एक हिस्सा एक तरफ हो और बड़े नोट-छोटे नोट क्रम में जमे हों।
बीमारी ठीक होने के बाद भी यदि बची हुई दवाइयां घर में अस्त-व्यस्त रखी है तो वो फिर बीमार करती हैं। इसलिए दवाइयां हमेशा डिब्बे में रखे।
बहुत ही मदरूप पोस्ट हे , शेयर अवश्य करे |

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Monday, September 12, 2016

Vastu tips for sleeping ( सोते समय ध्यान रखे ये बाते , वरना हो सकते है कई नुकसान )


1- बेड के बीचों-बीच कोई लैम्प, पंखा या इलैक्ट्रानिक उपकरण आदि नहीं होना चाहिए। ऐसे बेड पर सोने वाले का पाचन अधिकतर खराब रहता है।
2- घड़ी को कभी भी सिर के नीचे या बेड के पीछे रखकर नहीं सोना चाहिए। घड़ी को बेड के सामने भी नहीं लगाना चाहिए वरना उस बेड पर सोने वाला हमेशा चिन्ता या तनाव में रहता है। घड़ी को बेड के बाएं या दाएं ओर ही लगाना चाहिए।
3- जिस बेड पर आप सोते हैं, उस पर सिंपल डिजाइन वाले तकिए और चादर रखने चाहिए, ज्यादा डिजाइन वाले या रंग- बिरंगी तकिए और चादरों से बचें।
4- बेड रूम में मन्दिर या पूर्वजों की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए।
5- बेड रूम में युद्ध वाले, डरावने और हिंसक जानवरों के चित्र नहीं लगाने चाहिए। सादे और सुन्दर चित्र या पेंटिंग लगाना शुभ माना जाता है।
6- बेड रूम में हल्के गुलाबी रंग का प्रकाश होना चाहिए जिससे पति व पत्नी में अपसी प्रेम बना रहता है।
7- बेड रूम के दरवाजे के सामने पैर करके नहीं सोना चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
8- वास्तु के अनुसार, हमेशा दक्षिण दिशा में सिर और उत्तर दिशा में पैर करके सोना चाहिए, ऐसा करने से मनुष्य को गहरी नींद और लम्बी उम्र मिलती है।

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Saturday, September 10, 2016

दुकान के लिए वास्तु टिप्स ( Vastu tips for office )



1. वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान या शोरुम का मुख्य दरवाजा यदि पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो तो यह व्यापार के लिए लाभकारी माना जाता है। यदि पूर्व या उत्तर की ओर द्वारा बनाना सम्भव ना हो तो, दुकान का मुख पश्चिम की तरफ भी किया जा सकता है।
2. दुकान के अंदर बिक्री का सामान रखने के लिए सैल्फ, अलमारियां, शोकेस और कैश काउंटर दक्षिण और पश्चिम दिशा में बनाना अच्छा माना जाता है।
3. दुकान के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में मंदिर या इष्टदेव की फोटो को लगाया जा सकता है। इसके अलावा इस हिस्से में पीने का पानी भी रखा जा सकता है।
4.वास्तु शास्त्र के मुताबिक बिजली के उपकरणों को रखने या स्विच बोर्ड लगाने के लिए दुकान का दक्षिण-पूर्व हिस्सा उचित माना जाता है।
5. दुकान के काउंटर पर खड़े विक्रेता का मुंह पूर्व या उत्तर की ओर और ग्राहक का मुंह दक्षिण या पश्चिम की ओर होना बेहतर माना जाता है।
6. वास्तु शास्त्र के अनुसार शोरुम या दुकान का कैशबाक्स हमेशा दक्षिण और पश्चिम दीवार के सहारे होना उपयुक्त माना जाता है।
7. वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान के मालिक या मैनेजर को दुकान के दक्षिण-पश्चिम दिशा में बैठना चाहिए।
8. दुकान में कैश काउंटर, मालिक या मैनेजर के स्थान के ऊपर कोई बीना ना हो तो, यह वास्तु शास्त्र की दृष्टि से अच्छा समझा जाता है।

Tuesday, September 6, 2016

कैसे रखें बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा को कंट्रोल? ( Vastu Tips )

घर में बाथरूम और बेडरूम का विशेष महत्व होता है। इन दोनों की ऊर्जाओं का आपस में मिलना शुभ नहीं होता है। क्योंकि बेडरूम में सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है और बाथरूम में नकारात्मक ऊर्जा भ्रमण करती रहती है। इन दोनों के आपस में मिलने से घर में दद्रिता बनी रहती है एंव परिवार के लोगों का आये दिन स्वास्थ्य खराब रहता है। अतः प्रयास करना चाहिए कि बाथरूम की ऊर्जा बेडरूम या घर के अन्य स्थानों में प्रवेश नहीं करनी चाहिए।

*यदि बाथरूम का दरवाजा बेडरूम में खुलता हो तो उसे खुला रखने से बचना चाहिए। वैसे तो बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए। अगर फिर भी बेडरूम में बाथरूम है तो उसके दरवाजे पर पर्दा लगाना चाहिए।

*अगर बेडरूम में बाथरूम भी बना है तो बेडरूम के अन्दर एक बॉस का पोधा रखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं पड़ता है।
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यदि आप-अपने बाथरूम में एक कटोरी खड़ा नमक रखेंगे तो आपके बाथरूम का वास्तु दोष समाप्त हो जायेगा। कटोरी में रखें नमक को महीने में एक बार बदलना जरूरी होता है।
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घर मे बाथरूम का नल या किसी अन्य स्थान नल लगातार टपके तो इसे भी एक गंभीर वास्तु दोष माना जाता है। पाने के बेवजह बर्बाद होने से रोकने से वास्तु समस्यायें खत्म होती है।

*यदि आपके बाथरूम में शीशा लगा हुआ है तो इस बात का ध्यान रखें कि शीशा दरवाजे के ठीक सामने न हो। ऐसा होने पर जब-जब बाथरूम का दरवाजा खुलता है, तब-तब घर की नकारात्मक ऊर्जा पुनः घर में प्रवेश कर जाती है। ऐसे में यदि दरवाजे के ठीक सामने दर्पण होगा तो दर्पण से टकराकर नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश कर जायेगी।

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घर के बाथरूम को एकदम साफ-सुथरा रखना चाहिए। बाथरूम के स्वच्छ होने पर घर की आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है।

*इस बात पर विशेष ध्यान रखना चाहिए कि बाथरूम और कमरे के फर्श के बीच में दूरी अवश्य होनी चाहिए। इन दोनों के बीच दूरी रखने के लिए थोड़ी ऊॅची दहलीज बनानी चाहिए। दहलीज न होने से बाथरूम का दरवाजा बन्द होने पर भी नकारात्मक ऊर्जा घर में फैल जाती है और जब दहलीज होती है तो बाथरूम के नीचे खाली स्पेश नहीं रह जाता जिससे बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा घर में नहीं फैल पाती है।


*बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि घर में बाथरूम दक्षिण/पश्चिम या नैऋृत्य कोण में होना चाहिए।


*सभी विद्युत उपकरण गीजर आदि बाथरूम के आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण) में होने चाहिए। *बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्जास्ट फैन के लिए अलग से रोशन होना चाहिए। बाथरूम में गहरे रंग की टाइल्स न लगाकर हल्के रंग की टाइल्स का उपयोग करना चाहिए।

Friday, August 26, 2016

धन की कमी दूर करेंगे ये आसन से ज्योतिष उपाय

धन प्राप्त करने के लिए astro tips 
*अगर आप चाहते है कि आपके घर में धन की कमी न हो और बरक्कत बनी रहे तो आपको नियमित रूप से श्रीसूक्त अथवा लक्ष्मी सूक्त का पाठ करना होगा। ऐसा करने से लक्ष्मी जी का स्थायी वास हो सकता है।
 *सप्ताह में दो बार पूरे घर में नींबू पानी से पोंछा लगाना होगा। ऐसा करने से आपके घर की सारी नकारात्मक उर्जा घर से बाहर चली जायेगी और आपके वहॉ धन की बरक्कत शुरू हो जायेगी।
 *यदि आप गुरूवार को पीपल में सादा जल चढ़ाकर घी का दीपक जलायें तथा शनिवार को गुड़ तथा दूध मिश्रित जल पीपल के पेड़ पर चढ़ाकर तिल के तेल का दीपकर जलायें। ये उपाय आपको 40 दिन तक लगातार करने से धन आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
 *प्रत्येक पूर्णिमा को कंडे के उपले को जलाकर अपने इष्टदेव के मन्त्रों का उच्चारण करके खीर पूड़ी की आहूति देने से घर में धन की कमी नहीं रहती है।
*कंडे के उपलों को जलाकर उस पर लोबान रखकर महीने में दो बार घर में धुऑ करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर आपके घर में वास करती है। ऐसा करने से घर की नाकारात्मक उर्जा भी बाहर निकल जाती है।
*प्रत्येक अमावस्या को घर की सफाई करें और फालतू सामान, कबाड़ व रद्दी बेंच दें। तत्पश्चात घर के मन्दिर की सफाई करके घी का दीपक जलायें। ऐसा करने से भी धन का आगमन होता है और परिवार में सुख व शान्ति बनी रहती है।
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