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Friday, August 26, 2016

धन की कमी दूर करेंगे ये आसन से ज्योतिष उपाय

धन प्राप्त करने के लिए astro tips 
*अगर आप चाहते है कि आपके घर में धन की कमी न हो और बरक्कत बनी रहे तो आपको नियमित रूप से श्रीसूक्त अथवा लक्ष्मी सूक्त का पाठ करना होगा। ऐसा करने से लक्ष्मी जी का स्थायी वास हो सकता है।
 *सप्ताह में दो बार पूरे घर में नींबू पानी से पोंछा लगाना होगा। ऐसा करने से आपके घर की सारी नकारात्मक उर्जा घर से बाहर चली जायेगी और आपके वहॉ धन की बरक्कत शुरू हो जायेगी।
 *यदि आप गुरूवार को पीपल में सादा जल चढ़ाकर घी का दीपक जलायें तथा शनिवार को गुड़ तथा दूध मिश्रित जल पीपल के पेड़ पर चढ़ाकर तिल के तेल का दीपकर जलायें। ये उपाय आपको 40 दिन तक लगातार करने से धन आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
 *प्रत्येक पूर्णिमा को कंडे के उपले को जलाकर अपने इष्टदेव के मन्त्रों का उच्चारण करके खीर पूड़ी की आहूति देने से घर में धन की कमी नहीं रहती है।
*कंडे के उपलों को जलाकर उस पर लोबान रखकर महीने में दो बार घर में धुऑ करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर आपके घर में वास करती है। ऐसा करने से घर की नाकारात्मक उर्जा भी बाहर निकल जाती है।
*प्रत्येक अमावस्या को घर की सफाई करें और फालतू सामान, कबाड़ व रद्दी बेंच दें। तत्पश्चात घर के मन्दिर की सफाई करके घी का दीपक जलायें। ऐसा करने से भी धन का आगमन होता है और परिवार में सुख व शान्ति बनी रहती है।
ज्योतिष शास्त्र और वास्तुशास्त्र सबंधी मार्गदर्शन पाने के लिए संपर्क करे :
पंडित वर्य श्री निकुंज गुरूजी (M)+918000456677

 

Tuesday, August 23, 2016

यह गलतिया करने से हो सकता हे वास्तु दोष |

बुरी फेंगशुई या नेगेटिव एनर्जी का प्रवेश घर की बनावट और घर के अंदर अनावश्यक वस्तुओं को रखने से होता है। इसके अलावा वस्तुओं को ग़लत जगह रखने से भी बुरी फेंगशुई घर में प्रवेश करती है। आइए देखें किस-किस वजह से, अनचाहे मेहमान की तरह, आती है ये मुसीबत...
-मकान के मुख्य द्वार के आगे शौचालय या रसोईघर का दरवाजा होना या मुख्य द्वार के आगे दीवार या खम्भा होना।
-बेड के ऊपर बीम होना।
-मुख्य दीवार के आगे दर्पण होना
-घर के अंदर घुमावदार सीढ़ियां होना।
-सबसे ऊपरी मंजिल के फ्लैट में रहना।
-सूखे फूलों को घर में रखना
-शौचालय के दरवाजों को खुला रखना
-अलमारी का दरवाजा खुला रखना
-हिंसात्मक चित्र घर में लगाना।
-शयन कक्ष में शीशा होना।
वास्तुशास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का मार्गदर्शन पाने के लिए संपर्क करे : श्री निकुंज गुरूजी : +918000456677

Jainanusthan.com

Saturday, August 20, 2016

कब होता है प्रेम विवाह ? (Love Marriage or Arranged Marriage)

यदि पंचमेश ,सप्तमेश एवं शुक्र का शुभ संयोग हो  अथवा पंचमेश और सप्तमेश एक साथ हो तो प्रेम विवाह होता है, यदि पराक्रमेश (तृतीय भाव का स्वामी) सप्तम भाव में हो तो भी जातक के प्रयत्न से विवाह होता है अर्थात प्रेम विवाह की संभावना होती है , नीच राशिस्थ सूर्य की शुक्र के साथ युति हो तो प्रेम विवाह होता है,मिथुन राशि में चन्द्र और बुध की युति हो या चन्द्रमा मिथुन राशि में शुक्र से युत हो तो प्रेम विवाह का योग बनता है, पंचमेश एवं सप्तमेश का राशि परिवर्तन  राज योग एवं प्रेम का सूचक भी है |
कुंडली के अनुसार जानें किस दिशा में होगा विवाह ?
प्रायः ऐसा प्रश्न आता है कि विवाह कौन सी दिशा में होगा ? जन्म कुंडली में प्रथम भाव (लग्न ) को पूर्व दिशा ,सप्तम भाव को पश्चिम ,चतुर्थ भाव को उत्तर एवं दशम भाव को दक्षिण दिशा समझें , अतः इसी क्रम में शुक्र से सप्तमेश की जो दिशा हो ,उसी दिशा में प्रायः वर का घर होता है | चन्द्रमा एवं सप्तमेश जिस दिशा में हों इनमें जो बलवान हो जातक की ससुराल उसी दिशा में होगी | चन्द्रमा सातवें भाव में हो तथा चन्द्र राशि का स्वामी मंगल या अन्य पापग्रहों से दृष्ट हो अथवा पापग्रह चन्द्रमा से त्रिकोण में हों तो जातक का विवाह जन्म स्थान से दूर होता है 

यदि पंचमेश ,सप्तमेश एवं शुक्र का शुभ संयोग हो  अथवा पंचमेश और सप्तमेश एक साथ हो तो प्रेम विवाह होता है, यदि पराक्रमेश (तृतीय भाव का स्वामी) सप्तम भाव में हो तो भी जातक के प्रयत्न से विवाह होता है अर्थात प्रेम विवाह की संभावना होती है , नीच राशिस्थ सूर्य की शुक्र के साथ युति हो तो प्रेम विवाह होता है,मिथुन राशि में चन्द्र और बुध की युति हो या चन्द्रमा मिथुन राशि में शुक्र से युत हो तो प्रेम विवाह का योग बनता है, पंचमेश एवं सप्तमेश का राशि परिवर्तन  राज योग एवं प्रेम का सूचक भी है | - See more at: http://www.varanasiastro.com/love-marriage-or-arranged.html#sthash.Le2gIW3y.dpuf
यदि पंचमेश ,सप्तमेश एवं शुक्र का शुभ संयोग हो  अथवा पंचमेश और सप्तमेश एक साथ हो तो प्रेम विवाह होता है, यदि पराक्रमेश (तृतीय भाव का स्वामी) सप्तम भाव में हो तो भी जातक के प्रयत्न से विवाह होता है अर्थात प्रेम विवाह की संभावना होती है , नीच राशिस्थ सूर्य की शुक्र के साथ युति हो तो प्रेम विवाह होता है,मिथुन राशि में चन्द्र और बुध की युति हो या चन्द्रमा मिथुन राशि में शुक्र से युत हो तो प्रेम विवाह का योग बनता है, पंचमेश एवं सप्तमेश का राशि परिवर्तन  राज योग एवं प्रेम का सूचक भी है | - See more at: http://www.varanasiastro.com/love-marriage-or-arranged.html#sthash.Le2gIW3y.dpuf